आरटीआई

सूचना का अधिकार

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत प्रसारित सूचना

1.

खंड 4 (1) (बी)(i) : – संगठन का विवरण, कार्यप्रणाली व कर्त्तव्य केन्द्रीय विनिर्माणकारी प्रौद्योगिकी संस्थान, भारी उद्योग एवं लोक उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन भारत की एक स्वायत्त अनुसंधान एवं विकास संस्थान (पंजीकृत सोसायटी) है। विनिर्माण प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास – संस्थान की मुख्य गतिविधि है।

 

2.

खंड 4 (1) (बी)(ii) : – इसके अधिकारियों व कर्मचारियों के अधिकार व कर्त्तव्य

संस्थान की गतिविधियों को सरकार द्वारा गठित शासी परिषद, द्वारा नियंत्रित/प्रबंधित किया जाता है। और संस्थान की दैनिक गतिविधियाँ निदेशक द्वारा नियंत्रित की जाती है जो संस्थान के मुख्य कार्यपालक अधिकारी है। संस्थान की गतिविधियों को छह प्रमुख प्रभागों में बांटा गया है। तकनीकी प्रभागों की अध्यक्षता संयुक्त निदेशक करते हैं, जो निदेशक के बाद तकनीकी प्रभागों के वरिष्ठतम अधिकारी हैं।

 

केन्द्रीय विनिर्माणकारी प्रौद्योगिकी संस्थान संगठन चार्ट

 

3.

खंड 4 (1) (बी)(iii):- अपने निर्णयन प्रणाली में अपनाई गई कार्यपद्धति, जिसमें पर्यवेक्षण व दायित्व के चैनल सम्मिलित हैं ।

संस्थान के मामलों को भारी उद्योग एवं लोक उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा गठित शासी परिषद द्वारा प्रशासित किया जाता है। और यह संस्थान के सभी निकाय को नियंत्रित करती है। शासी परिषद के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों को सरकार द्वारा मनोनीत किया जाता है और संस्थान के नियमों एवं विनियमों के अनुसार संस्थान की गतिविधियों को प्रशासित, निर्देशित एवं नियंत्रित किया जाता है

संस्थान के प्राधिकारी निम्नलिखित हैः

  • शासी परिषद के अध्यक्ष
  • निदेशक
  • वित्त सलाहकार
  • सचिव

निदेशक संस्थान के प्रमुख कार्यपालक है। उपरोक्त प्राधिकारियों के अधिकार एवं प्रकार्य संगम ज्ञापन(एमओए) में निर्दिष्ट हैं।

मूलतः संस्थान अनुसंधान एवं विकास उन्मुख प्रायोजित परियोजना पर कार्य करता है, जिसमें विनिर्माणकारी प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में डिजाइन एवं विकास और टर्नकी के आधार पर परियोजनाओं को कार्यान्वित करना शामिल है। परियोजना की लागत के लिए परियोजना समन्वय और ग्राहक संबंध विभाग डिजाइन, निर्माण, असेम्बली एवं वित्त विभागों से परामर्श करते है। कार्य से संबंधित निर्णय के लिए विकेन्द्रीकृत पर निदेशक द्वारा समग्र नियंत्रण किया जाता है। कार्यात्मक कर्तव्यों, पर्यवेक्षण चैनलों, जवाबदेही के रूप में संगठनात्मक चार्ट इस प्रकार हैं

 

केन्द्रीय विनिर्माणकारी प्रौद्योगिकी संस्थान संगठन चार्ट

 

4.

खंड 4 (1) (बी)(iv) : अपने कार्यों के निर्वहन के लिए इसके द्वारा निर्धारित मानदंड।

कार्यों की प्रकृति का मानकीकरण “एक आर्डर उत्पादन” का नही है यह कार्यो की प्रकृति पर निर्भर करता है और संचालन में किसी विशेष प्रकार की कोई निरंतर उत्पादन उन्मुखीकरण कार्यों की प्रकृति नहीं होती हैं। प्रत्येक प्रायोजित परियोजनाओं की जरूरत और उसकी आवश्यकता के आधार पर प्रत्येक परियोजनाओं की गतिविधियाँ अलग होती हैं। तथापि, निदेशक प्रत्येक परियोजना की समग्र गतिविधियों, कार्यों, चरण प्रगति प्रक्रिया, परियोजना निष्पादन और वितरण आदि में शामिल प्रत्येक विभाग के प्रभावी संचालन की कुल लागत की समीक्षा करते है।

5.

खंड 4 (1)(बी)(v) : कार्यों के निर्वहन हेतु इसके कर्मचारियों द्वारा नियम, विनियम, निदेश , नियमावली व अभिलेख सम्बंधी सूचना का प्रयोग ।

संस्थान के दो बुनियादी नियम हैं, संगम ज्ञापन और नियम और विनियम, जिसमें समग्र प्रकार्यो और संस्थान की गतिविधियों का वर्णन है। संस्थान दो नियमों पर शासी परिषद से अनुमोदन प्राप्त करता है जो संस्थान को नियंत्रित करती है, जिसके लिए विभिन्न दिशा-निर्देश, नियम एवं विनियम प्रशासन दैनिक कार्यो में उपयोग करता है। यह अपने कर्मचारियों के कामकाज के पाठ्यक्रम और संस्थान की अन्य गतिविधियों की सेवा शर्तों को विनियमित करने के लिए बनाया गया है।

कुछ नियम और विनियम प्रशासन के लिए संस्थान द्वारा संदर्भित हैं और संस्थान के कर्मचारियों की सेवा शर्तों का विनियमन निम्नलिखित हैः

संस्थान केंद्र सरकार के वेतन और भत्तों को लागू करता है और इसी तरह संस्थान एफआर/एसआर, नियतन नियम वेतन, वेतन और भत्तों को विनियमित करने के लिए भी केन्द्र सरकार के नियमों को लागू करता है। इसके अलावा, संस्थान अपने स्वयं के दिशा निर्देशों का पालन भी करता है, जिसमें, एलटीसी नियम, सीजीएचएस / सीसीएस मेडिकल उपस्थिति नियम, सीसीएस छुट्टी नियम, क्वार्टर आवंटन नियम / दिशानिर्देश, एचवीए नियमों का पालन एवं सेवा शर्तों को विनियमित करना आदि शामिल है को भी अपने कर्मचारियों पर लागू करता है।

 

6.

खंड 4 (1)(बी)(vi) : इसके द्वारा या इसके नियंत्रणाधीन प्रलेख विवरण का प्रकार ।
[pdf link]

 

7.

खंड 4 (1) (बी)(vii) : नीति व कार्यान्वयन के सूत्रकरण से सम्बंधी, जनता के सदस्य द्वारा परामर्श अथवा प्रतिनिधिकरण हेतु विद्यमान किसी भी व्यवस्था सम्बंधी सूचना।

शासी परिषद में आईएमटीएमए, सीआईआई, निजी उद्योगों और सरकारी संस्थान जैसे योजना आयोग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभागों आदि के प्रतिनिधि होते हैं। परामर्श के माध्यम से प्रतिनिधि संबंधित सदस्य संगठनों के साथ संबंधित विषय पर विचार-विमर्श करते है।

शासी परिषद (संक्षेप में जीसी) भारत सरकार द्वारा गठित की गई है और ऊपर दिए गए सदस्यों के अलावा भारी उद्योग एवं लोक उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार, संस्थान के निदेशक और वित्तीय सलाहकार भी इसके प्रतिनिधि होते है।

 

8.

खंड 4 (1) (बी)(viii) : दो या अधिक सदस्यों से गठित बोर्ड, परिषद, समितियाँ व अन्य समूहों द्वारा दी गई सलाह । अतिरिक्त सूचना यथा इससे संबंधित बैठकें क्या जनता के लिए सुलभ हैं या नहीं अथवा कार्यवृत्त जनता को प्राप्य हैं या नहीं हैं ।

शासी परिषद संस्थान के सर्वोच्च नीतियों का निर्माण करती है। सरकार के द्वारा अनुमोदित विषय पर शासी परिषद निर्णय लेती है और उसे संस्थान की कार्यपद्ति/प्रशासन की गतिविधियों पर कार्यान्वित करती हैं। उपविधि के अनुसार, जीसी की बैठके वर्ष में कम से कम दो बार आयोजित की जानी चाहिए।

 

निम्नलिखित दस्तावेजों को कर्मचारियों या आम जनता के लिए पृथक नहीं कर रहे हैं:

 

  • कार्यवाही / सीएमटीआई की शासी परिषद की बैठकों के कार्यवृत्त / अनुसंधान सलाहकार निकाय / अन्य समिति की बैठकें।
  • भर्ती / सीधी भर्ती के लिए चयन समितियों की सिफारिशें
  • वरिष्ठ कर्मचारी चयन समिति / सीएमटीआई की विभागीय पदोन्नति समितियों की सिफारिसे।
  • विभागीय पूछताछ, पत्राचार / टिप्पण, दस्तावेज, कार्यवाही, निष्कर्ष, व्यथित कर्मचारी को छोड़कर अंतिम आदेश
  • विभिन्न प्रायोजित परियोजनाओं / अन्य प्रौद्योगिकी परियोजनाओं के लिए विभिन्न ग्राहकों के लिए कोटेशन / ऑफर भेजना।
  • हानि / क्षति / चोरी के मामलों आदि से संबंधित विभिन्न समितियों की जांच रिपोर्ट
  • डिजाइन / आर एंड डी रिपोर्ट, प्रोटोटाइप विकास का विवरण तीसरे पक्ष के उत्पाद विकास आदि का विवरण।

9.

खंड 4 (1) (बी)(ix) : इसके अधिकारियों एवं कर्मचारियों की निर्देशिका ।

आंतरिक टेलीफोन नंबरों के साथ अधिकारियों और कर्मचारियों की निर्देशिका।

 

आंतरिक टेलीफोन नंबरों की सूची

 

10.

खंड 4 (1) (बी)(x) : प्रत्येक अधिकारी व कर्मचारियों द्वारा प्राप्त मासिक पारिश्रमिक जिसमें इसके विनियमन में प्रदत्त क्षतिपूर्ति की प्रणाली सम्मिलित हैं ।

संस्थान के कर्मचारी, केंद्र सरकार के कर्मचारियों लिए लागू वेतन और भत्ते के अंतर्गत आते हैं। कर्मचारियों को किए जा रहे पारिश्रमिक भुगतान का विवरण इस प्रकार हैं

कर्मचारियों को दिए गए पारिश्रमिक का विवरण

 01/08/2021 को संस्थान की पद-वार कर्मचारियों की संख्या

1 अगस्त 2021 तक स्टॉफ की स्थिति।[pdf link]

 दिव्यांगजनो के लिए पद की पहचान की गई।

विकलांग व्यक्तियों के लिए पद। [pdf link]

 

11.

खंड 4 (1) (बी)(xi) : प्रत्येक अभिकरण को आबंटित बजट जिसमें सभी योजनाओं का विवरण, प्रस्तावित व्यय एवं भुगतान पर बनी रिपोर्ट ।

योजना परियोजनाओं और गैर-योजना आवंटन के लिए वर्ष 2014-2015 के बजट आवंटन का विवरण।

 

बजट आवंटन का विवरण। [pdf link]

 

12.

खंड 4 (1) (बी)(xii) : सहायक कार्यक्रम के व्यय के विवरण, जिसमें आबंटित राशि व ऐसे कार्यक्रमों के विवरण व लाभ।

लागू नहीं, संस्थान के अंतर्गत कोई सब्सिडी कार्यक्रम नहीं है।

 

13.

खंड 4 (1) (बी)(xiii) उसके द्वारा अनुमोदित स्वीकृति या प्राधिकरण, रियायती प्राप्तकर्ताओं के विवरण।

संस्थान के दवारा कोई परमिट या प्राधिकरण के रूप में लागू नहीं किया जाता है।

 

14.

खंड 4 (1) (बी)(xiv) : उपलब्ध अथवा रोकी गई सूचना, जो इलेक्ट्रॉनिक स्वरूप में संकुचित हो, का विवरण ।

ग्राहकों के कार्य / प्रायोजित परियोजनाओं की परियोजना से संबंधित तकनीकी जानकारी को आयोजित किया जाता है।

 

15.

खंड 4 (1) (बी)(xv) : नागरिकों को सूचना प्राप्त करने हेतु उपलब्ध सुविधाओं के विवरण जिसमें सार्वजनिक प्रयोग हेतु पुस्तकालय या पठन कक्ष के रख-रखाव का समय ।

निर्दिष्ट शुल्क का भुगतान करके या दस रुपये का डिमांड ड्राफ्ट को लेखा विभाग में प्रेषित करके किसी भी कार्य दिवस पर नागरिकों द्वारा सूचना को प्राप्त किया जा सकता है। सूचना निर्दिष्ट प्रभार @ 2 रुपए / प्रति पृष्ठ, यदि लागू हो का भुगतान करने पर आवेदन की प्राप्ति के तीस दिनों के भीतर सूचना उपलब्ध करायी जाएगी। हालांकि, नि: शुल्क जानकारी के लिए सूचना के अधिकार के तहत संस्थान से संबंधित सूचना को संस्थान की वेबसाइट www.cmti-india.net से लोड किया जा सकता है। संकलन के लिए वास्तविक प्रभार शुल्क लिया जाएगा यदि आवेदक द्वारा मांगी गई सूचना का संकलन और आपूर्ति की आवश्यकता है।

 

सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत सीएमटीआई से जानकारी प्राप्त करने की प्रक्रिया।  [pdf link]

 

16.

खंड 4 (1)(बी)(xvi):- लोक सूचना अधिकारी का नाम, पदनाम एवं अन्य विवरण ।

श्री पूरन कुमार अग्रवाल, वि.स.एवंमु.ले.अधि. केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी (सीपीआईओ) दूरभाष नं.: +91 080-23370517

 

डॉ. नागहनुमय्या, निदेशक सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत अपीलीय प्राधिकारी कार्यालय फोन नं – 080 23372048 / 22188263 फैक्स नंबर 080 23370428

 

17.

खंड 4 (1) (बी)(xvii) : सूचनाएं जिसकी अपेक्षा की जा सकती है।

संस्थान प्रत्येक वर्ष वार्षिक रिपोर्ट तैयार करता है, जिसमें संस्थान की वार्षिक प्राप्तियों / व्यय, योजना एंव गैर-योजना अनुदान, कर्मचारियों की संख्या, ग्राहकों के विवरण/प्रोफाइल, शासी परिषद के अध्यक्ष और सदस्यों की सूची, तकनीकी विकास आदि का विवरण होता है। इसके अतिरिक्त, संस्थान मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी टुडे शीर्षक के नाम से एक मासिक पत्रिका को भी प्रकाशित करता है, जिसमें विनिर्माण प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विकास, पेटेंट और पेटेंट पर लेख, प्रशिक्षण कार्यक्रम का विवरण, एक माह के दौरान घटित महत्वपूर्ण घटनाओं, कैलेंडर का इवेंटों,आदि का सार होता है।